LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

बरसात में टपकती छत, सचिव की भरती रही जेब सरकारी आवास में भ्रष्टाचार, बैगा जनजाति से पैसे लेकर निर्माण गायब

जीशान अंसारी की रिपोर्ट | बिलासपुर : सरकारी योजनाएं कागजों में गरीबों को पक्का मकान देने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत चपोरा के आश्रित ग्राम बासाझाल के बैगा मोहल्ला में प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है। जिन बैगा आदिवासी परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने का वादा किया गया था, वे आज भी अधूरे, जर्जर और टपकती छतों के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

पीड़ित हितग्राहियों का गंभीर आरोप है कि तत्कालीन पंचायत सचिव सुनीता मरावी ने नियमों को ताक पर रखकर आवास निर्माण ठेके पर करवाया और प्रत्येक हितग्राही से लगभग 2 लाख रुपये की पूरी राशि वसूल ली। हैरानी की बात यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी आवास अधूरे हैं, और जिन दीवारों को सुरक्षा देनी थी, वही अब डर का कारण बन चुकी हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
April 22, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बैगा समाज के अंजोर सिंह बैगा और फागुन सिंह बैगा ने बताया कि जो मकान खड़े किए गए हैं, उनकी गुणवत्ता बेहद घटिया है। बरसात शुरू होते ही छतों से पानी टपकने लगता है, फर्श पूरी तरह भीग जाता है। मजबूरन बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खुले में बैठकर रातें गुजारनी पड़ती हैं। जिस सरकारी आवास को सुरक्षित भविष्य की नींव होना था, वही आज बैगा परिवारों के लिए भय और असुरक्षा का प्रतीक बन गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बैगा मोहल्ले में 7 से 8 आवासों की स्थिति यही है। बड़ा सवाल यह है कि जब गरीब आदिवासी परिवारों से पूरी राशि वसूली जा चुकी है, तो उनका कसूर क्या था? क्या योजनाओं के नाम पर लूट ही अब सिस्टम की पहचान बन चुकी है? और आखिर कब तक बैगा जनजाति इस अन्याय को चुपचाप सहती रहेगी?

ये खबर भी पढ़ें…
स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!”
स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!”
April 23, 2026
“स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!” गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शिक्षा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अब पीड़ित ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पंचायत सचिव एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और अधूरे पड़े सभी आवासों को तत्काल पूर्ण कराया जाए, ताकि बैगा परिवार भी इंसान की तरह सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी सकें।

ये खबर भी पढ़ें…
56 लाख के जेवर गायब, पहले मौत फिर खुला राज, मरवाही में रहस्य गहराया”
56 लाख के जेवर गायब, पहले मौत फिर खुला राज, मरवाही में रहस्य गहराया”
April 23, 2026
“56 लाख के जेवर गायब, पहले मौत फिर खुला राज, मरवाही में रहस्य गहराया” गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!